मार्च 17, 2010

सृजनगाथा - भावों का पानी

सृजनगाथा - भावों का पानी

3 टिप्‍पणियां:

Pankaj Trivedi ने कहा…

आशाजी,
अम्बुधि पयोधि - के लिएँ आपको बधाई | आपके इस ब्लॉग के द्वारा थोड़ा जानने की कोशिश...
बहुत ही अच्छी कवितायें तो आप लिखती ही है... और ये ब्लॉग... अलाम |
डियर जितेंद्रजी को भी नमस्कार |
- पंकज त्रिवेदी

Pankaj Trivedi ने कहा…

आशाजी,
अम्बुधि पयोधि - के लिएँ आपको बधाई | आपके इस ब्लॉग के द्वारा थोड़ा जानने की कोशिश...
बहुत ही अच्छी कवितायें तो आप लिखती ही है... और ये ब्लॉग... अलाम |
डियर जितेंद्रजी को भी नमस्कार |
- पंकज त्रिवेदी

shriraj ने कहा…

आशाजी,
हृदयकी अथाह गहराईयों से उठते सुन्दरतम सहज भावों के प्रवाहमें....

एक नवपल्लवित स्पंदनका विस्फोट हुआ....

'आशा' एक वरदान है ; नवजीवन का ! गति-संचार का अमोघ विज्ञान !

लेकिन...

उसको जानने के लिए कुछ सोचना अनिवार्यरूपसे ज़रूरी है.....जो आपकी प्रत्येक रचना में प्रतीत होता है |

"ईश्वर" आपके हृदयमें भावप्रवाहके उत्कृष्ट "उदधि"की अक्षयनिधिको सदासर्वदा अस्खलित बनाए रख्खें ऐसी शुभभावना...